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भारत में सामाजिक संरचना जातिवाद पर आधारित है । |
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Answer» भारत की सामाजिक संरचना जातिवाद पर आधारित है । जातिवाद की प्रारंभिक संकल्पना जो आज है उससे प्राचीन समय में भिन्न थी । प्रारंभिक संकल्पना के अनुसार यह चार व्यवसायों पर आधारित वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र) थी । प्रत्येक जाति स्वयं के हिस्से में आनेवाले व्यवसाय को कर सकते थे । नीची माने जानेवाली जातियों के व्यवसाय हल्के और निम्नकक्षा के माने जाते थे । इन जातियों की बस्तियाँ ग्राम्य विस्तार में, गाँव के बाहर और शहरी विस्तार में शहर की निश्चित हद में अलग रखा जाता था । उन्हें सामाजिक और धार्मिक अधिकारों से रखने में आता था । पीढ़ी दर पीढ़ी उन्हें कम आयवाला निम्न स्तर के व्यवसायों में ही रहने से और समाज के अन्य समूहों से अलग रहने से उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत ही कमजोर रही है । |
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