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Answer» भारत में दूरसंचार का प्रारम्भ टेलीग्राफी तथा टेलीफोन की खोज के तुरन्त पश्चात् हुआ। प्रथम टेलीग्राफ सेवा का प्रारम्भ कलकत्ता (कोलकाता) और डायमण्ड हार्बर के बीच 1851 ई० में हुआ था। मार्च, 1884 ई० तक आगरा से कोलकाता तक टेलीग्राफ सन्देश भेजे जाने लगे थे। वर्ष 1990 ई० तक भारतीय रेलवे में टेलीग्राफ सेवाएँ शुरू हुईं। टेलीफोन सेवा को प्रारम्भ कोलकाता में वर्ष 1981-82 में हुआ। 700 लाइनों वाले प्रथम स्वचालित एक्सचेंज की स्थापना वर्ष 1913-14 में शिमला में हुई। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से दूरसंचार विभाग के स्तर और सेवाओं में महत्त्वपूर्ण सुधार हुआ है। एक्सचेंजों की संख्या बढ़कर मार्च, 2014 तक 36,023 हो गई। प्रारम्भ में अधिकांश एक्सचेंज मैनुअल प्रकार के थे, जिन्हें बाद में स्वचालित इलेक्ट्रो-मैकेनिकल एक्सचेंजों में बदल दिया गया। गत 15 वर्षों में बड़ी संख्या में डिजिटल टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित हो जाने के बाद दूरसंचार प्रणाली में व्यापक सुधार हुआ है। आज के शत-प्रतिशत टेलीफोन एक्सचेंज इलेक्ट्रॉनिक प्रकार के हैं। 31 मार्च, 2014 ई० तक के आँकड़ों के अनुसार भारत का दूरसंचार नेटवर्क एशिया के विशालतम दूरसंचार नेटवर्कों में गिना जाता है। देश में 36,023 टेलीफोन एक्सचेंज हैं, जिनकी क्षमता 4 करोड़ 66 लाख 60 हजार लाइनें और 9.15 करोड़ टेलीफोन कनेक्शन हैं। लम्बी दूरी के ट्रांसमिशन नेटवर्क में लगभग 2,04,551 रूट किमी रेडियो प्रणाली तथा 3,26,271 रूट किमी ऑप्टिकल फाइबर प्रणाली है। लगभग सभी देशों के लिए आई०एस०डी० (International Subscriber Dialling) सेवा उपलब्ध है। एन०एस०डी० सेवा के साथ 29,362 स्टेशन जुड़े हैं। अन्तर्राष्ट्रीय संचार क्षेत्र में उपग्रह संचार और जल के नीचे से स्थापित संचार सम्बन्धों द्वारा अपार प्रगति हुई है। ध्वनि वाली और ध्वनिरहित दूरसंचार सेवाएँ, जिनमें आँकड़ा, प्रेषण फैसीमाइल, मोबाइल रेडियो, रेडियो पेजिंग तथा लीज्ड लाइन सेवाएँ शामिल हैं, जो आवासीय और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की विभिन्न जरूरतों की पूर्ति करती हैं। आई०एस०डी०एन० सेवा कुछ शहरों में आरम्भ हो चुकी हैं। कम्प्यूटर संचार सेवाओं के विश्वव्यापी उपयोग के लिए डेडिकेटेड पैकेट स्विच्ड पब्लिक डेटा नेटवर्क भी उपलब्ध है। देश के लगभग 67 प्रतिशत से अधिक गाँवों में टेलीफोन सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में भारत के सभी महानगरों और शहरों, यहाँ तक की ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेल्यूलर टेलीफोन सेवा कार्य कर रही है। वर्ष 2014 के आँकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 56 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं।
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