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Answer» विश्व की अति प्राचीन संस्कृति में से एक भारतीय संस्कृति समृद्ध और विविधतापूर्ण विरासतवाली है । - भारत की विविधता ही विश्व में उसकी विशिष्ट पहचान है ।
- विविध जातियों, समूहों, धर्मों, रीतिरिवाज, संस्कृतियों, भाषाओं आदि का समन्वय भारत में हुआ है ।
- भारत में विविधता होने के कारण वह मिश्र संस्कृति का सर्जन कर सका है ।
- भारत ने ‘वसुधैवकुटुंबकम्’ की भावना को विश्व में साकार किया है । आज विश्व एक विशाल परिवार है । यह भावना भारत में वेदकाल से प्रचलित है ।
- ‘हमें चारों दिशाओं में से अच्छे और शुभ विचार प्राप्त हो’ ऋग्वेद का संदेश भारतीय संस्कृति की विशालता और व्यापकता का दर्शन करवाती है ।
- भारत ने धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार विश्व में किया है ।
- भारत एक बिनसांप्रदायिक देश है, धर्म की दृष्टि से भारत संसार के प्रमुख धर्मों के संमिश्रण की भूमि रही है । हिन्दू, बौद्ध, जैन, पारसी, इस्लाम, इसाई धर्मों का भारतीय संस्कृति में प्रभाव पाया जाता है ।
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