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Answer» भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग- ⦁ उत्तर के विशाल पर्वत ⦁ उत्तर भारत का मैदान ⦁ प्रायद्वीपीय पठार ठार ⦁ भारतीय मरुस्थल ⦁ तटीय मैदान तथा ⦁ द्वीप समूह। हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में अंतर | हिमालय क्षेत्र | प्रायद्वीपीय पठार | | यह सिन्धु व गंगा के मैदान के सिरे पर बना हुआ है। | यह दक्कन के पठार के सिरे पर बना हुआ है। | | शिमला, मंसूरी, दार्जिलिंग, नैनीताल आदि पहाड़ी स्थल हिमालय में पाए जाते हैं। | यहाँ कोई विख्यात पहाड़ी स्थल नहीं पाया जाता। | | इसकी औसत ऊँचाई 6,000 मी है। | इस पठार की औसत ऊँचाई 600-900 मी है। | | यह नवीन वलित पर्वत है। | पठार को कई नदियों द्वारा बुरी तरह काट दिया गया है | | यह बहुत से महाखड्डू एवं यू आकार की घाटियों से बना हैं। | यह खनिजों का भंडार है। | | इसमें बहुत कम खनिज पाए जाते हैं। | इस पठार से निकलने वाली नदियाँ बरसाती हैं | | सभी बारहमासी नदियों का उद्गम हिमालय से ही होता है। | चौड़ी एवं छिछली घाटियों तथा गोलाकार पहाड़ियों से घाटियों से मिलकर बना है। | | विश्व के सर्वाधिक ऊँचे पर्वतों एवं गहरी मिलकर बना है। | गोंडवाना भूमि के टूटने व खिसकने के कारण बना। | | इंडो-आस्ट्रेलियाई प्लेट व यूरेशियन प्लेट में टक्कर के कारण बना। | आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से बना है। | | तलछटी चट्टानों से बना है। | भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह स्थिर क्षेत्र में आता है। | | भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह अस्थिर क्षेत्र में आता है। | मध्य उच्चभूमि नीची पहाड़ियों से बना है और इसमें कोई भी चोटी विश्वविख्यात ऊँचाई की नहीं है। | | यह विश्व का सर्वाधिक ऊँचा पर्वत हैं। | यह प्राचीनकाल से ही अपरदन के चरण में है। | | हिमालय से बहुत-सी प्रसिद्ध नदियाँ निकलती निकलती हैं। | नर्मदा व ताप्ती जैसी कुछ ही नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से हैं जैसे सिन्धु, गंगा व ब्रह्मपुत्र। |
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