1.

भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग कौन-से हैं?हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीप पठार के उच्चावच लक्षणों में क्या अंतर है?

Answer»

भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग-

⦁    उत्तर के विशाल पर्वत
⦁    उत्तर भारत का मैदान
⦁    प्रायद्वीपीय पठार ठार
⦁    भारतीय मरुस्थल
⦁    तटीय मैदान तथा
⦁    द्वीप समूह।

हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में अंतर

हिमालय क्षेत्रप्रायद्वीपीय पठार
यह सिन्धु व गंगा के मैदान के सिरे पर बना हुआ है।यह दक्कन के पठार के सिरे पर बना हुआ है।
शिमला, मंसूरी, दार्जिलिंग, नैनीताल आदि पहाड़ी स्थल हिमालय में पाए जाते हैं।यहाँ कोई विख्यात पहाड़ी स्थल नहीं पाया जाता।
इसकी औसत ऊँचाई 6,000 मी है।इस पठार की औसत ऊँचाई 600-900 मी है।
यह नवीन वलित पर्वत है।पठार को कई नदियों द्वारा बुरी तरह काट दिया गया है
यह बहुत से महाखड्डू एवं यू आकार की घाटियों से बना हैं।यह खनिजों का भंडार है।
इसमें बहुत कम खनिज पाए जाते हैं।इस पठार से निकलने वाली नदियाँ बरसाती हैं
सभी बारहमासी नदियों का उद्गम हिमालय से ही होता है।चौड़ी एवं छिछली घाटियों तथा गोलाकार पहाड़ियों से घाटियों से मिलकर बना है।
विश्व के सर्वाधिक ऊँचे पर्वतों एवं गहरी मिलकर बना है।गोंडवाना भूमि के टूटने व खिसकने के कारण बना।
इंडो-आस्ट्रेलियाई प्लेट व यूरेशियन प्लेट में टक्कर के कारण बना।आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से बना है।
तलछटी चट्टानों से बना है।भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह स्थिर क्षेत्र में आता है।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह अस्थिर क्षेत्र में आता है।मध्य उच्चभूमि नीची पहाड़ियों से बना है और इसमें कोई भी चोटी विश्वविख्यात ऊँचाई की नहीं है।
यह विश्व का सर्वाधिक ऊँचा पर्वत हैं।यह प्राचीनकाल से ही अपरदन के चरण में है।
हिमालय से बहुत-सी प्रसिद्ध नदियाँ निकलती निकलती हैं।नर्मदा व ताप्ती जैसी कुछ ही नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से हैं जैसे सिन्धु, गंगा व ब्रह्मपुत्र।



Discussion

No Comment Found