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Answer» भारत में समुद्री किनारा लम्बा होने से प्राचीनकाल से ही हीरा-मोती का व्यापार होता है । - भारत के कारीगरों द्वारा बने हीरे-मोती के आभूषणों की प्राचीन काल से ही खूब माँग रही है ।
- विश्व विख्यात कोहिनूर और ग्रेट मुघल हीरा भी भारत में मिले थे ।
- भारत के लोग आभूषणों के शौकीन होने से आभूषणों के अलावा श्रीमंत वर्ग, राजा-महाराजा और अमीर विविध हीरामोती के आभूषणों का उपयोग करते थे ।
- आभूषणों में हीरा-मोती, माणेक, पन्ना, पुखराज, नीलम आदि रत्नों का उपयोग होता था ।
- गुजरात में मोती काम का विशेष उपयोग होता था ।
- मोती के कलात्मक तोरण, मालाएँ, कलश, धरूँ, खिड़कियाँ, चौकी, विवाह के नारियल, ईढाणी, पंखे, बैल के सुशोभन के मोडिया, सींग के झालर बनाए जाते थे ।
- विश्वभर में सोना-चाँदी, मीनाकारी, कला-कारीगरों में भारत अग्रिम स्थान पर है ।
- मीनाकारी में लाल, हरा और आसमानी रंग के पत्थरों का उपयोग होता था ।
- ऐसी मीनाकारी के कौशल्यवाले कारीगर जयपुर, लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी और हैदराबाद में विशेष पाये जाते है ।
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