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Answer» भारत और पाकिस्तान की एकसमान सफलताएँ 1. भारत तथा पाकिस्तान दोनों ही देश प्रति व्यक्ति आय को दुगुना करने में सफल रहे हैं। 2. दोनों ही देशों पर निर्धनता का भार कम हुआ है। 3. दोनों ही देश खाद्यान्नों के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं (प्राकृतिक विपदाओं के वर्षों को छोड़कर)। 4. दोनों ही देशों में ‘पोषण स्थिति में सुधार हुआ है। 5. दोनों ही अर्थवयवस्थाओं की प्रकृति दोहरी है-एक सुविकसित आधुनिक क्षेत्र तथा एक पिछड़ा हुआ रूढ़िवादी क्षेछ। भारत और पाकिस्तान की एकसमान विफलताएँ 1. दोनों ही देश एक ‘सकुशल अर्थव्यवस्था’ का निर्माण कर पाने में विफल रहे हैं। 2. दोनों ही देशों में प्रशासनिक शिथिलता पाई जाती है। व्यापक भ्रष्टाचार, अधिकारों एवं अनुबन्धों का दोषपूर्ण प्रयोग और पारदर्शिता का अभाव दोनों ही देशों में विद्यमान है। इससे ‘जन भागीदारी हतोत्साहित हुई है। 3. दोनों ही देशों के राजकोषीय प्रबन्धन में अकुशलता पाई जाती है। राजकोषीय घाटा उच्च है, अनुत्पादक व्यय अधिक है, ऋण और ऋणों पर ब्याज का भार बढ़ता ही जा रहा है तथा मूल सामाजिक सेवाओं तक जनता की पहुँच निम्न है। 4. वित्तीय क्षेत्र की स्थिति चिन्ताजनक है। साख गुणवत्ता की उपेक्षा की गई है, बैंकों की | गैर-निष्पादक सम्पत्तियाँ बढ़ी हैं तथा वित्तीय क्षेत्र कमजोर हो गया है। पाकिस्तान के बेतहर निष्पादन वाले क्षेत्र वे क्षेत्र जिनमें भारत का निष्पादन पाकिस्तान से बेहतर है, निम्नलिखित हैं 1. सॉफ्टवेयर के निर्यात में भारत ने आशा से अधिक प्रगति की है। 2. भारत में मानव संसाधन की कुशलता में अधिक तेजी से वृद्धि हुई है। ” 3. प्रतिरक्षा, प्रौद्योगिकी, अन्तरिक्ष अनुसन्धान, इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स तणि जेनेटिक्स व दूरसंचार आदि क्षेत्रों में भारत की प्रगति अधिक सराहनीय रही है। 4. प्रौढ़ शिक्षा दर, महिला शिक्षा दर, सभी स्तरों पर नामांकन अनुपात तथा शिक्षा सूचकांक भारत में पाकिस्तान की तुलना में बहुत आगे हैं।
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