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बेरोजगारी किसे कहते हैं ? बेरोजगारी के प्रकार समझाइए । |
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Answer» जो व्यस्क उम्र (15 से 60 वर्ष) के हो, जो बाजार में प्रवर्तमान वेतनदर पर काम करने की इच्छा और वृत्ति रखता हो, काम करने की योग्य शक्ति और योग्यता रखता हो, काम की खोज में होने के उपरांत काम प्राप्त नहीं कर सकता हो उसे बेरोजगार कहते हैं । बेरोजगारी के प्रकार : 1. ऋतुगत बेरोजगारी : भारत में कृषि क्षेत्र में सिंचाई की अपर्याप्त सुविधा, बरसात की अनियमितता और वैकल्पिक रोजगारी के अवसरों के अभाव से तीन से पाँच मास बेरोजगार रहना पड़ता है उसे ऋतुगत या मौसमी बेरोजगारी कहते हैं । 2. घर्षणजन्य बेरोजगारी : पुरानी तकनीकि के स्थान पर नई तकनीकि आये तब कुछ समय श्रम बेरोजगार बनता है, उसे घर्षणजन्य बेरोजगारी कहते हैं । 3. ढाँचागत बेरोजगारी : भारतीय अर्थव्यवस्था पिछड़ी और रूढ़िचुस्त है, सामाजिक पिछड़ापन, परंपरागत रुढ़िया, रिवाज, निरक्षरता और ढाँचागत सुविधाओं के अभाव में ढाँचागत बेरोजगारी पायी जाती है । 4. प्रच्छन्न (छुपी बेरोजगारी) : किसी भी काम-धंधे, व्यवसाय में आवश्यकता से अधिक श्रमिक लगे हो, इन अतिरिक्त श्रमिकों को उत्पादन कार्य में से निकाल लेने से कुल उत्पादन में कोई फर्क नहीं पड़ता हो इन अतिरिक्त बेरोजगारों को प्रच्छन्न या छुपा बेरोजगार कहते हैं । 5. औद्योगिक बेरोजगारी : औद्योगिक क्षेत्र में होनेवाले परिवर्तन के कारण जो व्यक्ति कम या लंबे समय के लिए काम के बिना रहना पड़ता हो तो ऐसी स्थिति को औद्योगिक बेरोजगारी के रूप में पहचाना जाता है । 6. शिक्षित बेरोजगारी : कम से कम माध्यमिक शिक्षा प्राप्त हो और जो व्यक्ति बेरोजगार हो तो उसे शिक्षित बेरोजगार कहते हैं । |
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