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बचपन की यादें मन को गुदगुदाने वाली होती हैं विशेषकर स्कूली दिनों की। अपने अब तक के स्कूली जीवन की खट्टी-मीठी यादों को लिखिए ।

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मेरे स्कूली जीवन की कई यादें मेरे साथ हैं। जब मैं प्राइमरी क्लास में था तो लंच ब्रेक के दौरान टीचर सभी बच्चों को अपने सिर नीचे रखने की हिदायत देती थीं। हम सभी बच्चे अपना सिर नीचे किये भी एक दूसरे से आँखों ही आँखों में बातें करते थे और फिर फिस्स से हँस देते थे। एक बच्चा तो बिन बात जोर जोर से हँसने लगता था। जब टीचर इस बात के लिए मना करती थी, तो वह कभी कभी क्लास से बाहर जाकर जोर-जोर से हँसने लगता था।



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