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बालक के सन्दर्भ में भाषा के विकास पर परिपक्वता तथा शारीरिक स्वास्थ्य का क्या प्रभाव पड़ता है? |
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Answer» बालक के भाषागत विकास पर उसकी परिपक्वता तथा शारीरिक स्वास्थ्य को अनिवार्य रूप से प्रभाव पड़ता है। बोलना अनेक अंगों पर निर्भर करता है; जैसे–फेफड़े, गला, जीभ, होंठ, दाँत, स्वर यन्त्र तथा मस्तिष्क के बाकी केन्द्र आदि। बालक के ये अंग जब परिपक्व हो जाते हैं, तब ही बालक ठीक से बोल पाता है। इसके अतिरिक्त यदि कोई बालक दीर्घकाले तक बीमार रहता है तो भी उसके बोलने की क्रिया कुछ बिगड़ सकती है। यदि बालक के सुनने की क्षमता कम हो या उसके कानों में कुछ दोष हो तो भी बालक की भाषा का विकास सामान्य नहीं रह पाता। यही कारण है कि बधिर बच्चे मूक या गूंगे भी होते हैं। |
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