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“और यकीन कीजिए, इसे बिलकुल ढूँढ़ना नहीं पड़ा। बैठे-बिठाये मिल गया।” लेखक ने यह किसके बारे में कहा है? |
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Answer» लेखक ने यह बात अपने निबंध के शीर्षक के बारे में कही। लेखक अपने एक गुरुजन उपन्यासकार मित्र के साथ पान की दुकान पर खड़ा था। वहाँ एक बर्फ वाला ठेले पर बर्फ की सिल्लियाँ लाद कर लाया। बर्फ में से भाप उड़ रही थी। लेखक के मित्र अल्मोड़ा के रहने वाले थे। वे बोले-यह बर्फ तो हिमालय की शोभा है। सुनते ही लेखक ने तुरन्त अपने लेख’ का शीर्षक ‘ठेले पर हिमालय’ रख दिया। |
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