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‘अशिक्षित का हृदय’ कहानी के आधार पर ठाकुर शिवपाल सिंह के चरित्र पर प्रकाश डालिए।

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ठाकुर शिवपाल सिंह ‘अशिक्षित का हृदय’ कहानी में एक शोषक ज़मींदार के रूप में हमारे सामने आता है। वह ऋण देकर उसे कठोरता से वसूल करता है। वह मानवीय सहानुभूति से वंचित है। मनोहर सिंह से रुपये न मिलने पर वह उसका पेड़ कटवाकर उसके स्वाभिमान को ठेस पहुँचाना चाहता है। यही नहीं वह रुपये स्वीकार करने से भी इन्कार करता है। ठाकुर शिवपाल गुस्सैल, स्वार्थी और लालची प्रवृत्ति का व्यक्त है। लेखक ने ठाकुर के माध्यम से उन ज़मींदारों की शोषण प्रवृत्ति का यथार्थ चित्रण किया है जो किसानों के प्रति कठोर व्यवहार करते हैं और उनको नीचा दिखाने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं।



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