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अमेरिका की क्रान्ति की उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।याअमेरिका की क्रान्ति के प्रमुख परिणामों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए। |
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Answer» अमेरिकी क्रान्ति के परिणाम (उपलब्धियाँ) अमेरिका की क्रान्ति के निम्नलिखित परिणाम हुए – 1. लोकतन्त्र की स्थापना – अमेरिका की क्रान्ति ने लोकतन्त्रात्मक शासन-व्यवस्था की स्थापना के मार्ग खोल दिये। इस क्रान्ति ने ‘जनताकाशासन, जनता द्वारा, जनता के लिए’ का सन्देश विश्व को दिया। इससे प्रभावित होकर विश्व के अनेक राष्ट्रों में लोकतन्त्र शासन की स्थापना की गयी। 2. लिखित संविधान – अमेरिका में स्वतन्त्रता-संग्राम के पश्चात् 1789 ई० में विश्व का प्रथम लिखित संविधान तैयार किया गया, जिससे अन्य राष्ट्रों में भी लिखित संविधान लागू करने की परम्परा चल निकली। 3. संघात्मक शासन – प्रणाली–स्वतन्त्रता संग्राम के पश्चात् अमेरिका में ही सर्वप्रथम संघीय शासन-प्रणाली लागू की गयी। इस व्यवस्था में सर्वोच्च सत्ता संघीय सरकार के हाथों में होती है तथा राज्यों की व्यवस्था राज्य सरकारों को दी जाती है। बाद में विश्व के अन्य राष्ट्रों ने भी इस प्रणाली को अपनाया। 4. अन्य देशों की क्रान्तियों को प्रेरणा – अमेरिका की क्रान्ति की सफलता से उत्साहित होकर फ्रांस आदि देशों में भी महत्त्वपूर्ण क्रान्तियाँ हुईं। स्वतन्त्रता, समानता और मूल अधिकारों की प्रेरणा ने विश्व के क्रान्तिकारियों को बड़ी प्रेरणा दी। फ्रांस की सेना और जनता पर इस क्रान्ति का विशेष प्रभाव पड़ा : और 1789 ई० में फ्रांस में भी राज्य क्रान्ति आरम्भ हो गयी। 5. समानता और स्वतन्त्रता का महत्त्व – अमेरिका में लोकतन्त्र की स्थापना होने पर व्यक्ति की समानता और स्वतन्त्रता स्थापित हो गयी। समानता, स्वतन्त्रता तथा बन्धुत्व ने विश्व के सभी देशों को प्रभावित किया। 6. संयुक्त राज्य अमेरिका का जन्म – अमेरिका के स्वतन्त्रता-संग्राम के कारण ब्रिटेन ने 13 उपनिवेशों को स्वतन्त्र कर दिया, जिन्हें मिलाकर संयुक्त राज्य अमेरिका नामक राष्ट्र का जन्म हुआ। 7. गृह-युद्ध तथा दास-प्रथा का अन्त – अमेरिका के स्वतन्त्रता-संग्राम के पश्चात् गृह-युद्ध समाप्त हो गया तथा राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने दास-प्रथा को समाप्त करने के लिए सफल प्रयास किये। 8. अंग्रेजों की नीति में उदारता – अमेरिका के स्वतन्त्रता-संग्राम के फलस्वरूप अनेक उपनिवेशों तथा समुद्री स्थानों के छिन जाने के कारण ब्रिटिश सरकार ने अपने अन्य उपनिवेशों के प्रति नम्रता और उदारता की नीति अपनानी प्रारम्भ कर दी। कुछ पुराने मन्त्रियों को हटाकर सुधारवादी विचारों के व्यक्तियों को मन्त्री बनाया गया। संसद को अधिक लोकतान्त्रिक बनाने के प्रयास किये गये। आयरलैण्ड की कानून बनाने की माँग को स्वीकार कर लिया गया। 9. अन्य अंग्रेजी साम्राज्य की स्थापना – अमेरिकन उपनिवेश हाथ से निकल जाने के पश्चात् बहुत-से अंग्रेज कनाडा में बस गये। धीरे-धीरे कनाडा में अंग्रेजों का उपनिवेश स्थापित हो गया। बाद में ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैण्ड में भी इंग्लैण्ड ने अपने उपनिवेश बसाये। इस प्रकार दूसरे अंग्रेजी साम्राज्य की नींव पड़नी प्रारम्भ हो गयी, जो पहले से भी बड़ा था। |
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