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‘ऐसे गृह में यह जंगलीपन नहीं चल सकता।’ इस कथन में मित्र का गाँधी के प्रति भाव था,(क) उपेक्षा का(ख) तिरस्कार का(ग) क्रोध का(घ) झुंझलाहट का। |
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Answer» गृह में यह जंगलीपन नहीं चल सकता।’ इस कथन में मित्र का गाँधी के प्रति भाव था, क्रोध का |
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