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आशय स्पष्ट कीजिए :क. अवश्य ही उनमें ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करनेवाले मनुष्य भी वंचित है।ख. ‘उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया। |
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Answer» क. अवश्य ही उनमें ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करनेवाले मनुष्य भी वंचित है। प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से प्रेमचंद कहना चाहते हैं कि सभी जीवों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ जीव होने का दावा करता है। किन्तु जो गुण हीरा और मोती में थे चे गुण मनुष्य में नहीं है। हीरा और मोती गहरे मित्र थे। वे बिना कुछ कहे एकदूसरे के मनोभावों को अच्छी तरह से जान लेते हैं। यह गुप्त शक्ति उनके पास थी। मनुष्य के पास ऐसी गुप्त शक्ति नहीं है जो बिना कहे, दूसरे मनुष्य के मनोभावों को जान सके। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष, मैत्री के लिए कुर्बान होने की भावना तथा संतोष आदि हीरा-मोती को एक उत्तम व्यक्ति की तरह प्रस्तुत करते हैं। ख. ‘उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया। हीरा और मोती को गया के घर बहुत काम करना पड़ता था। किन्तु खाने में उन्हें सूखा भूसा ही दिया जाता था। अपने घर पर उन्हें भूसा के साथ खली, चोकर आदि भी दिया जाता। यहाँ वे मन मसोस कर रह जाते। बैलों के ऊपर हो रहे अत्याचार को बालिका समा गई और रात में उनको रोज एक-एक रोटी खिला जाया करती। इससे हीरा और मोती की भूख्न तृप्त नहीं होती थी फिर भी स्नेह के कारण जो उन्हें रोटी प्राप्त होती थी वह सारी थकान मिटा देती थी। बालिका द्वारा प्राप्त स्नेह से वे अभिभूत हो उठते थे और उसी स्नेह से उनका पेट भर जाता था। स्नेह में बहुत ताकत होती है। यही ताकत दोनों बैलों को बालिका द्वारा दी जानेवाली रोटी से प्राप्त होती थी और उनका जीवन बसर हो रहा था। |
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