1.

22 जनवरी, 1905 को रूस का ‘खूनी रविवार’ के रूप में जाना जाता है ।

Answer»

22 जनवरी, 1905 रविवार के दिन फादर गोपेन नामक पादरी के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस के रूप में लोग जार के निवासस्थान विन्टर पैलेस गये । वे लोग निःशस्त्र थे ।

  • कुछ लोगों के हाथ में जार की तस्वीर थी और उसमें ‘रूस के छोटे प्रभु चिरंजीवी हो’ जैसे सूत्र लिखे हुए थे ।
  • उन निर्दोष लोगों पर जार के सैनिकों द्वारा अंधाधुंध गोलियाँ चलाई गयी ।
  • इसमें हजारों निर्दोष लोग मारे गये और जहाँ जार का महल था उस सेन्ट पिट्सबर्ग का फर्श खून से लाल हो गया ।
  • इसलिए इस दिन को इतिहास में खूनी रविवार के रूप में जाना जाता है ।


Discussion

No Comment Found